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Sunday, June 19, 2011

समस्‍या

आज का सद़विचार '' समस्‍या ''

समस्या तभी पैदा होती है जब दिनचर्या का महत्त्व ज्यादा हो जाता है
सोच नेपथ्य में रह जाता है ,धीरे धीरे खो जाता है ,केवल भ्रम रह जाता है
भौतिक सुख,अपने से ज्यादा" लोग क्या कहेंगे "की चिंता प्रमुख हो जाते हैं
आदमी स्वयं, स्वयं नहीं रहता कठपुतली की तरह नाचता रहता ,जो करना चाहता,
कभी नहीं कर पाता, जो नहीं करना चाहता ,उसमें उलझा रहता ,जितना दूर भागता
उतना ही फंसता जाता ....।

- राजेंद्र तेला

आज का सद़विचार ब्लॉग जगत से ..... राजेंद्र तेला जी का

6 टिप्पणियाँ:

अनुपमा त्रिपाठी... ने कहा…
very well said .
सुज्ञ ने कहा…
मोह-माया का आवरण!!
Anita ने कहा…
सही कहा है, हर समस्या की जड़ में अज्ञान है !
Kailash C Sharma ने कहा…
बहुत सच कहा है..
नूतन .. ने कहा…
बिल्‍कुल सच कहा है आपने ।
सुशील बाकलीवाल ने कहा…
बिल्कुल सच.